मेरठ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अधिकारी और जनप्रतिनिधि किसी प्रकार की कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस संबंध में गुरूवार को टाउन हॉल में नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। बैठक में स्मार्ट सिटी के सर्वे के लिए आई कंसलटेंट एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में मेरठ को स्मार्ट सिटी की सूचि में शामिल कराए जाने को लेकर तमात बिंदुओ पर चर्चा की गई, जिसमें सभी ने अपने विचार रखे। बैठक में आम सहमति से तय किया गया कि शहर को स्मार्ट बनाने से पहले हमें खुद को स्मार्ट बनाना होगा, इसके लिए शहर के सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि विभिन्न क्षेत्रों में बूथिंग कर शहर की जनता को जागरूक करने का अभियान चलाएंगे।
शहर को स्मार्ट सिटी की सूचि में शामिल किए जाने को लेकर चल रही कवायद के चलते आज टाउन हॉल में शहर में सर्वे के लिए आई कंसलटेंट एजेंसी के एक्सपर्टस और नगर निगम के जनप्रतिनिधि व आला अधिकारी मौजूद रहे। महापौल हरिकांत अहलूवालिया, नगरायुक्त उमेश प्रताप सिंह व अधिकांश सभी वार्डाे के पार्षद बैठक में मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि शहर को स्मार्ट सिटी बनाने से पहले शहर के लोगों को खुद ही स्मार्ट बनना होगा। इसके लिए शहर के सभी स्कूल, कॉलेजो, सोसायटियो और समाज सेवी संगठनों की मदद ली जाएगी।
शहर के क्षेत्रों के बूथिंग करते हुए क्षेत्र के लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें उनके आसपास के माहौल को सुरक्षित व सवच्छ रखने के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। सभी पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ेंगे। शहर के जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की जनता से सीधा संवाद स्थापित करके उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। कानून-व्यवस्था से लेकर साफ-सफाई तक पूरा जोर दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक बैठक जारी थी।

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