इंसानियत को सभी धर्मों में सर्वाेपरी माना गया है लेकिन लोग धर्म को तो मानते है, लेकिन धर्म कि नहीं मानते एसा ही एक मामला बुद्धवार को नगर में देवी मंदिर के सामने देखने को मिला एक युवक घायल हालत में घंटों तक बेहोश हालत में सड़क पर पड़ा रहा लेकिन उसे उठाकर अस्पताल पहुँचाने वाला कोई न था लोगों ने हमदर्दी दिखाते हुए पुलिस व सरकारी एम्बुलेंस को कई बार फोन किया लेकिन दोनों कि लापरवाही खूब सामने आई बाद में पहचान हो जाने पर उसी के मोहल्ले का एक युवक उसे उठाकर ले गया जिसने उसे उसके घर पहुँचाया। मामला सरधना के देवी मंदिर चौराहे के पास कुमार इलेक्ट्रोनिक वाले कि दुकान के सामने एक युवक रिक्शा चलाता हुआ आया जो पहले से ही घायल था।
वह युवक कुमार इलेक्ट्रोनिक वाले कि दुकान के सामने बेहोश होकर गिर गया। घंटों तक वहीं पड़े युवक को लोग देखते और आगे बढ़ जाते, लोगों कि सोच थी कि युवक शराब के नशे में धुत होकर यहाँ पड़ा हुआ है, जबकि युवक के शरीर से बहते खून को देख लोगों ने पुलिस के अलावा सरकार द्वारा चलाई जा रही 108 एम्बुलेंस को कई बार फोन किया और मामले से अवगत कराया लेकिन घंटों तक न पुलिस पहुंची और नाही एंबुलेंस, इस बीच वहां मोहल्ला खेवान निवासी एक युवक आ गया जिसने बेहोश युवक कि पहचान मोहल्ले के ही सुनील जाटव के रूप में कि और उसके रिक्शे में दाल कर उसके घर ले गया।

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