अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले कई वर्षो से शतरंज की दुनिया में भारतीय पताका चेस खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ही लहराते आ रहे हैं। युवा पीढ़ी में नए 'आनंद' तैयार करने के लिए स्कूली बच्चों को शतरंज खेल के प्रति आकर्षित करने की पहल शुरू की जा रही है। जिला चेस स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से पहली बार शतरंज को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को शतरंज की बारीकियों से रूबरू कराने के लिए विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप में प्रदेश के एक मात्र अंतरराष्ट्रीय चेस कोच दिनेश कुमार शर्मा शतरंज के मॉडर्न चालों से अवगत कराएंगे। यह जानकारी मंगलवार को संगठ कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में संगठन के महासचिव डा. विनीत त्यागी ने दी।
पांच दिन चलेगा कैंप
संघ के कार्यकारी सचिव विवेक त्यागी ने बताया कि चेस कैंप 26 से 30 जून तक चलेगा। इसमें हर दिन तीन-तीन घंटे के दो सेशन चलेंगे। एक सेशन रैंक होल्डर चेस खिलाड़ियों के लिए होगा व दूसरा बैच बेगिनर्स का होगा। बेगिनर्स में विशेष फोकस स्कूली बच्चों पर होगा। वैसे इसमें हर उम्र के लोग हिस्सा ले सकते हैं। कैंप के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं जो 20 जून तक चलेंगे। इच्छुक चेस खिलाड़ी पांडव नगर स्थित संगठन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय कोच दिनेश शर्मा की विश्व रैंकिंग 2322 है।
ऐसे होते हैं शतरंज के दांव-पेंच
शतरंज के एक मैच में नौ से 11 राउंड तक होते हैं। एक राउंड करीब चार घंटे का होता है। एक राउंड में दोनों प्रतिभागी को डेढ़-डेढ़ घंटे चाल चलने को मिलते हैं जिसमें हर चाल के बाद 30 सेकंड बढ़ते जाते हैं। इस तरह एक राउंड चार घंटे का हो जाता है। शतरंज की बिसात के साथ ही यह खेल अपनी चालों को लिखकर एवं प्रतिद्वंदी का समय घड़ी पर नष्ट कर भी खेला जाता है। इस खेल में जीतने पर एक अंक, हारने पर शून्य एवं ड्रा होने पर आधा प्वाइंट मिलता है।

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