सरधना में गांधीनगर पांडव शिला रोड के पास कुआँ विवाद का कारण बन रहा है। जिसे लेकर दो पक्ष आमने-सामने है कभी भी बड़ी घटना घट सकती है। जिसे लेकर एक पक्ष उपजिलाधिकारी से मिला और कुआं चालू कराये जाने की मांग की, वही दूसरा पक्ष अपनी संपत्ति होने का दवा कर रहा है।
इस मामले को लेकर मोहल्ले के कुछ लोग उपजिलाधिकारी कुमार भूपेन्द्र से मिले, जिन्होंने बताया की मोहल्ले में एक सार्वजानिक कुंआ है, जिस पर अनेक त्योहारों पर मोहल्ले वाले पूजा-अर्चना का कार्य सेंकडो वर्षाे से करते चले आ रहे है। यह कुंआ खसरा नंबर 2337 में स्थित है, जो पूर्व में स्व. हरिकृष्ण दास पुत्र जगन्नाथ की जमींदारी का था, बाद में इन्होने अपनी समस्त संपत्ति को आबादी हेतु बेच दी थी और कुंआ व कुएं के दक्षिण दिशा का रास्ता आठ फुट का नहीं बेच था और मोहल्ले वालो की पूजा अर्चना के लिए छोड़ दिया था।
तभी से मोहल्ले व आस पास के लोग पूजा-अर्चना आज तक करते चले आ रहे हैं। कुएं की स्थिति अब जर्जर हो चुकी है, जिस कारण वह अब धीरे-धीरे मिट्टी व कूड़े से भर गया है। जिसे खुलवाए जाने की मांग की गई है। इसके अलावा राजाराम पुत्र अतरसेन आदि का कहना है की यह संम्पति उनकी है, जिसका उनके पास बैनामा भी है। मोहल्ले के कुछ लोग जबरन इस कुँए को खोलना चाहते है। कुंए खुलवाने की मांग करने वालों में चमनलाल, संतोष, महेंद्री, अमरेश, राजेन्द्र, रामानन्द, सुरेन्द्र आदि शामिल रहे। उपजिलाधिकारी ने मामले की जाँच कराकर कार्यवाई का आश्वासन दिया है।
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