भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गन्ना भुगतान की मांग को लेकर दिनभर धरने पर बैठे रहे। किसान रात को 55 करोड़ रुपये का एक सप्ताह के अंदर भुगतान होने एवं दर्ज मुकदमा शीघ्र वापस होने की मांग मनवाने के बाद ही धरने से उठे।
भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी विनोद जिटौली के नेतृत्व में दोपहर को टै्रक्टर ट्राली आदि लेकर किसान सीधे कलक्ट्रेट पहुंचे। गन्ना भुगतान व किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर बेमियादी धरना देकर बैठ गए। ऐलान कर दिया कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा, वह नहीं उठेंगे। गन्ना भुगतान व किसानों पर दर्ज मुकदमे को लेकर किसान दिनभर जिला प्रशासन, गन्ना विभाग व शासन पर किसान जमकर बरसे।
शाम करीब साढे़ छह बजे डीएम पंकज यादव की अध्यक्षता में किसानों की वार्ता हुई। यह वार्ता करीब आठ बजे तक चली। वार्ता में तय हुआ कि किसानों को करीब 55 करोड़ का भुगतान एक सप्ताह के अंदर हो जाएगा, जिसमें किनौनी, नंगलामल, मवाना व सिंभावली मिल किसानों का भुगतान करेगा। इसके अलावा मिलों की जो चीनी बिकेगी, उससे भी किसानों का बकाया भुगतान किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो मिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। किनौनी मिल अधिकारियों ने जुलाई माह, नंगलामल ने 15 अगस्त
तथा मवाना ने जल्द ही भुगतान का आश्वासन दिया।
मवाना में भुगतान की मांग कर रहे किसान शौकीन व अन्य तीन पर दर्ज हुआ मुकदमा शीघ्र वापस होने पर सहमति बनी। इसके साथ ही गांव में 25 फीसदी हैंडपम्प व स्ट्रीट लाईटें किसानों की मांग पर लगाने पर भी बातचीत में सहमति बनी। बिजली आपूर्ति सुचारू कराने का डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए। वार्ता व धरने में जिलाध्यक्ष भाकियू विनोद जिटौली, चौधरी इलम सिंह, निरंकार जिटौली, नरेश चौधरी, संजय दौरालिया, वीरेंद्र राणा, एमकुमार, संजय पंवार, सुभाष भोपला, ओम सिंह, राहुल चौधरी व विकास तथा जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला, मिल के अधिकारी मौजूद रहे।
कलक्ट्रेट में बना खाना
कलेक्ट्रेट में धरना देने आए किसानों ने दोपहर में हलवाई को लगाकर खाना बनवाया। खाने के बाद रागिनी और ताश का आनंद लिया।

0 comments:
Post a Comment