जनजन को मिलकर दिल से हर कदम बढ़ाना है, हर हाल में आगे बढ़कर मंजिल को पाना है। अब लक्ष्य है अपना ये ही और ये ही है निशाना, है जल ही जीवन सबका जीवन को बचाना। तालाब बचाओ अभियान में डा. जमील अहमद शाद की ये लाइन सटीक बैठती है।
क्षेत्र के सूखे तालाबों की सफाई के बाद उन पर किये गये पौधारोपण से जहां ग्रामीणों में एक आशा की नई किरण फूटी है, वहीं अब इन तालाबों को बारिश के अलावा लबालब करने के लिए रजवाहों का ही सहारा है। क्षेत्र के दर्जनों तालाब जो खोया अस्तित्व पाने को है, वो दशकों पूर्व कम बारिश और अधिक जल दोहन से सूख कर अपना अस्तित्व खो चुके थे। दैनिक जागरण के तालाब खोजा अभियान ने ऐसे तालाबों को संजीवनी दिलाने में पहल की है, जिनका नामो-निशान तक मिटने वाला था। अभियान चला तो लोगों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और लोग तालाब बचाने को आगे आए। देखते ही देखते हजारों हाथ अभियान का हिस्सा बन गये और नतीजा रहा कि माह भर में कई तालाबों की कायाकल्प हो गई। मवाना खुर्द तालाब पर विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद डा. अनिल जोशी पहुंचे और उसे निहार कर उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा। उन्होंने अपने हाथ से यहां पौधारोपण किया और वहां मौजूद लोगों ने पेड़ के साथ तालाब को बचाने का संकल्प लिया।
गांवों में घर में लगे सबमर्सेबल से जल दोहन इतना अधिक हो रहा है कि जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। अधिक गर्मी और कम बारिश के चलते भी तालाब सूख गये है। जानकारों की मानें तो अब बारिश इतनी नहीं होती कि तालाब भर जांए। इसके लिए रजवाहों से जोड़कर तालाबों को सालभर लबालब रखने की कवायद शुरू हो गई है।
रुप चंद ने बताया कि तालाब को जब तक पानी से भरा नही जाएगा तब तक कैसै वाटर लेवल उठ सकता है। धर्मवीर त्यागी ने कहा कि तालाब हमारे जीवन का अभिन्न अंग था। पहले तालाब पानी से लबालब रहते थे। बरसात के मौसम में कई बार तालाब से पानी बाहर आकर गांव की सड़कों पर भर जाता था। अब हालत है कि बारिश होने पर भी तालाब की प्यास भी नहीं बुझ पाती होगी, भरना तो दूर की बात।
मंदवाड़ी तालाब पर पौधरोपण
मंगलवार को फलावदा के मंदवाड़ी रोड स्थित तालाब पर सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पौधारोपण कर तालाब बचाने का संकल्प लिया। फलावदा के नेडू, नंगला ऐजदी, पिलौना के दो तालाब के अलावा मवाना खुर्द तालाब पर भी पौधरोपण हो चुका है, जल्द ही इनमें पानी भरा जाएगा। ज्यादातर तालाब या तो सूख चुके हैं या फिर उन पर अतिक्रमण है। गांव सांधन में कुनकुरा मार्ग स्थित तालाब पर ग्राम प्रधान की ओर से विधायक प्रभु दयाल वाल्मीकि के नेतृत्व में पौधरोपण किया जाएगा। इसके बाद पानी छोड़ कर तालाब को लबालब किया जाएगा। इसे पूरा करने के बाद ग्राम प्रधान गांव के दूसरे तालाब पर भी काम कराने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।
खेड़ा गांव का ताल भी संवरेगा
सरधना: दयनीय अवस्था में पहुंच चुके खेड़ा गांव की आबादी के बीच स्थित तालाब की रौनक फिर से लौटने लगी है। तालाब से कीचड़ और झाड़ी हटा दी गई है। प्रधान पति ओमवीर सिंह ने कहा कि तालाब की नियमित सफाई कराई जाएगी। जल संरक्षण वर्तमान से भविष्य तक के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सपा नेता आदित्य उर्फ चीनू, राहुल, मास्टर सतवीर, बलवीर, जसवीर, अजय सोम आदि ग्रामीणों ने भी जल संचय के स्रोतों को बचाने का संकल्प लिया।
एसआरडी-9
महिलाओं ने भी तालाब की सफाई को चलाया फावड़ा, वृक्षारोपण किया
सरूरपुर : पांचली बुजुर्ग गांव स्थित तालाब पर ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पहुंची महिलाओं ने फावड़ा चलाकर वृक्षारोपण किया। पांचली बुजुर्ग गांव के बाहरी छोर पर स्थित तालाब पर जहां एक पखवाड़ा पूर्व सपा नेता डा. महक सिंह कश्यप ने तालाब से गंदगी दूर करते हुए तालाब के अंदर घास व झांडी काटकर समतल करने का काम किया था। वहीं मंगलवार को बसपा के सैक्टर अध्यक्ष पंडित नीरज शर्मा के साथ पहुंची महिलाओं ने पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर फावड़ा चलाया। साथ ही तालाब के किनारे पर वृक्षारोपण किया। माया देवी, बाला देवी, सविता, शीतल, मोनिका, जुगेंद्री के साथ असगर, अबरार, देवेंद्र, तैमूर, बिल्लू आदि मौजूद रहे।
फोटो मावा 201, 202 ..
पंचायत ने तालाबों को लिया गोद
माछरा : माछरा ब्लाक के राछौती, अमीनाबाद उर्फ बड़ागाव में विलुप्त तालाबों का ग्राम पंचायत के सहयोग से जिर्णोद्धार कराया जा रहा है। राछौती के ग्राम प्रधान रमेश चन्द, बड़ागाव के तालीब हसन ने बताया कि इसी क्रम में तालाबों का कायाकल्प कराया जा रहा है। राछौती व बड़ागाव के अतिरिक्तमाछरा के ग्राम प्रधान राकेश त्यागी, नंगला साहू ग्राम प्रधान परवीन, कासमपुर ग्राम प्रधान शिवराज सिंह, शौल्दा ग्राम प्रधान रोशनलाल आदि गावों के ग्राम प्रधानों ने बताया कि ग्रामवासियों व सरकार के सहयोग से ग्राम पंचायतें तालाबों का प्राथमिकता के आधार पर अतिशीघ्र जिर्णोद्धार कराकर उनमें जल संचय व पौधारोपण करा दिया जायेगा।

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