जिले के कप्तान का कैंप कार्यालय शुक्रवार को फिर चर्चा में आया, जब गेट के अंदर घुसने को लेकर भाजपाइयों और पुलिस में तनातनी हो गई। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पुलिसकर्मियों से लेकर कप्तान तक को आड़े हाथों लिया। बोले कि ये मुख्यमंत्री आवास है या राजभवन, जो जनता अंदर नहीं आ सकती। भाजपाई आपराधिक वारदातों,सांप्रदायिक झड़पों और गौवंश कटान के मसले पर एसएसपी से मिलने गए थे। भावनपुर में डीजे बजाने को हुए लेकर हुए सांप्रदायिक विवाद और खरखौदा में कोल्ड स्टोर में गौवंश के अवशेष और शहर के व्यापारियों के साथ हो रही लूटपाट के मसले के मुद्दे को उठाया गया। नौचंदी के शास्त्रीनगर सेक्टर-3 में मकबरा में निर्माण कार्य का मुद्दा उठाया गया। बताया कि सुप्रीम कोर्ट का धार्मिक स्थलों पर कोई नया निर्माण नहीं करने का निर्देश है। इसके बावजूद काम हो रहा है।
एसएसपी जे.रविंदर गौड से मिलने के लिए भाजपाइयों ने समय लिया था। रात को आठ बजे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल समेत कई बड़े भाजपा नेता एसएसपी से मिलने आवास पहुंचे। कैंप कार्यालय का गेट बंद मिला तो भाजपाई भड़क गए। अंदर भेजी गई पर्ची पर भाजपा दक्षिण विधायक रविंद्र का ही नाम था। एसएसपी ने केवल उन्हें ही अंदर भेजने की बात कही। लक्ष्मीकांत वाजपेयी और बाकी भाजपाइयों को बाहर रोकने पर बखेड़ा हो गया। मामला बढ़ता देखकर सभी भाजपाइयों को अंदर एंट्री दी गई।
कप्तान को सुनाई खरी-खरी
गेट बंद होने और रात होते ही शहर को लावारिस छोड़ने की बात कहते हुए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी कप्तान पर बरस पड़े। पूछा कि क्या ये मुख्यमंत्री आवास है या राजभवन है, जो जनता या जनप्रतिनिधि अंदर नहीं आ सकते। सदर सराफा में हुई डकैती और इसके बाद पेट्रोल पंप मालिक से हुई लूट समेत मेरठ में गुरुवार को पांच लूट का हवाला देते हुए पुलिस की लापरवाही का मुद्दा उठाया। पुलिस सड़कों पर बस उगाही के लिए उतरती है और जेब भरकर वापस चली जाती है। एसएसपी ने लूट का खुलासा करने और संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस दौरान महापौर हरिकांत अहलूवालिया, महानगर अध्यक्ष करूणेश नंदन गर्ग, जिलाध्यक्ष शिवप्रकाश राणा, गजेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
एसएसपी नहीं जानते जनप्रतिनिधियों और महापौर का प्रोटोकॉल
एसएसपी से मिलने के लिए समय लेकर भाजपाई और महापौर पहुंचे थे। इसके बावजूद महापौर हरिकांत अहलूवालिया और शहर विधायक लक्ष्मीकांत वाजपेयी के वाहनों को कैंप कार्यालय के गेट के बाहर रोक दिया गया। दोनों को दरवाजे के अंदर भी नहीं घुसने दिया गया। महापौर और विधायक के प्रोटोकॉल का एसएसपी द्वारा नहीं निभाया गया। ऐसे में भाजपाइयों ने खूब खरी-खरी सुनाई।

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