गुरूवार को दिन निकले से शहर में आतंक बरपाने वाले लुटेरों की अब तक शिनाख्त तक न होने को लेकर व्यापारी वर्ग से लेकर जनप्रतिनिधियों तक में उबाल है। एक के बाद एक हुई लूट और डकैती की घटनाओं पर जहां एक ओर डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने एसपी सिटी से लेकर शहर के कई थानेदारों तक की चूड़ी टाइट की हैं, वहीं शहर के सभ्रांत तबके ने अब शहर को अपने रहने लायक होने से ही इंकार कर दिया। पेट्रोल पंप स्वामी के साथ हुई कैश लूट की घटना को लेकर पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने शनिवार से अनिश्चितकालीन बंदी का ऐलान कर दिया है। वहीं राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से लेकर व्यापारी नेताओं तक ने इन घटनाओं की भत्र्सना करते हुए विरोध जताया है।
भारतीय जनता पार्टी व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत शारदा अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश में जंगलराज है, मुख्यमंत्री अलीबाबा की भूमिका में हैं और उनके पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी चालीस चोरों का रोल अदा कर रहे हैं। लूट, डकैती, रंगदारी और हत्या आम बात हो गई है। गत दिवस हुई घटनाओं में साबित हो गया कि मेरठ में पुलिस तंत्र पूरी तरह से फेल है। ऐसे में अधिकारियों को मुख्यमंत्री को अपनी वर्दी सौंप देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि गुरूवार को सदर में सर्राफा कारोबारी से हुई लूट के बाद वे सदर गये थे।
इसी दौरान टीपी नगर में पेट्रोल पंप के स्वामी के कर्मचारी को गोली मारकर बदमाशों ने आठ लाख से अधिक का कैश लूट लिया। वहां पहुंचा ही था कि रेलवे रोड क्षेत्र में व्यापारी के स्कूटर की डिग्गी ने नकदी लूट ली गई, इसके बाद सुशांत सिटी में व्यापारी से बाइक और नकदी लूटी गई। ऐसा लगता है पुलिस बदमाशों के सामने पूरी तरह से नतमस्तक हो गई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को फिर ठठेरवाड़ा में सम्प्रदाय विशेष के आरोपी ने एक व्यापारी को चाकू मारकर घायल कर दिया। कहा कि व्यापारी मेरी आत्मा हैं और किसान रीड़ की हड्डी है। इन दोनों का उत्पीडऩ कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा। मेरठ को कैराना नहीं बनने दूंगा, फिर चाहे पुलिस मेरे खिलाफ कितने भी मुकदमे दर्ज न कर ले। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में जंगल राज खत्म नहीं हुआ तो वह जन आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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