पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचे कमेटी संचालक के शव को लिसाड़ी रोड पर रखकर जाम लगा दिया गया। उत्तेजित लोगों ने हत्यारोपी के घर में तोड़फोड़ की। महिलाओं ने पुलिस पर चूड़ियां फेंक रोष जताया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सपा नेता राजू के पिता और साथियों को भी हत्या में नामजद किया जाए। साथ ही मृतक के परिवार को दस लाख का मुआवजा दिलाने की मांग की। प्रशासनिक अफसरों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर करीब तीन घंटे बाद जाम खुलवाया। तब जाकर नसीम के शव को सुपूर्द-ए-खाक किया जा सका।
लिसाड़ी गेट के तारापुरी स्थित जाटो वाली गली में कमेटी संचालक नसीम अहमद उर्फ खालू (50) परिवार के साथ रहते थे। नसीम सपा में दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के सचिव थे, जो नलकूप का काम करते थे। सपा नेता रजाउद्दीन उर्फ राजू से तीन कमेटी छुड़ाने के बाद 85 हजार की रकम देने को तकादा कर रहे थे। सोमवार को राजू ने ऑफिस पर नसीम को रकम देने के लिए बुलाया। ऑफिस में नसीम की हत्या कर बाहर से ताला डालकर राजू भाग गया था, जिसे पुलिस ने वारदात के कुछ घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया था।
मंगलवार को जब पोस्टमार्टम हाउस से नसीम का शव घर पर पहुंचा। सुबह साढ़े आठ बजे भीड़ ने शव को लिसाड़ी रोड पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस जाम को खुलवाने पहुंची। इसी बीच भीड़ ने हत्यारोपी राजू के घर पर हमला बोल दिया। वहां पर जमकर तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को काबू में कर हत्यारोपियों के घर से बाहर निकाला। उसके बाद जाम लगा रही महिलाओं ने पुलिस पर चूड़ियां फेंक कर अपना विरोध जताया। पुलिस के साथ प्रशासनिक अफसर भी मौके पर पहुंच गए। भीड़ को समझा-बुझाकर हटाने की कोशिश की गई। करीब तीन घंटे बाद 11.30 बजे पुलिस ने जाम लगा रहे लोगों पर लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया। उधर, नसीम के परिजनों ने पुलिस से कहा कि राजू के अलावा हत्या करने में उसके पिता जेनू और साथियों को भी नामजद किया जाए। पीड़ित परिवार को दस लाख मुआवजे की मांग की गई। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने निष्पक्ष कार्रवाई कर हत्यारोपियों को जेल भेजने का आश्वासन दिया। जिसके बाद परिवार के लोगों ने शव को उठाकर ईदगाह वाले कब्रिस्तान में सुपूर्द-ए-खाक कर दिया।
चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात की : नसीम की हत्या में बवाल के मद्देनजर तारापुरी में जाटो वाली गली में चप्पे-चप्पे पुलिस बल तैनात दिया है। क्योंकि हत्यारोपी राजू के परिवार की महिलाओं और बच्चों को भी महिला थाने सेघर में शिफ्ट कर दिया गया साथ ही घर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया।
इन्होंने कहा..
हत्यारोपी राजू को जेल भेज दिया है। साथ ही परिवार के लोगों ने राजू के पिता जेनू का नाम भी हत्या में शामिल करने की मांग की है, जिसमें जांच के बाद नाम जोड़ने का आश्वासन दिया है। हत्यारोपी के परिवार को सुरक्षा मुहैया करा दी गई है। हत्या की वजह कमेटी के 85 हजार रुपये के विवाद था।
-रण विजय सिंह, सीओ कोतवाली।

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