प्रोपटी के लाचल में सात वर्षीय बच्चे को मौत के घाट उतारने वाला आरोपी बुधवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। यहीं नहीं खुद आरोपी की बहन ने फोन करके पुलिस को सूचना दी और आरोपी को गिरफ्तार कराया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया है।
बतादे कि किशनपुरा स्थित प्राइमरी पाठशाला के बराबर में भान नाम के व्यक्ति का मकान है। उसकी काफी समय पहले मौत हो चुकी है। उसके परिवार में इस समय उसकी पत्नी, दो बेटे और दो बेटियां है। दोनों लड़कियों सुनिता और सुमन की शादी हो चुकी है। सुनीता के पति संजय की छह-सात माह पूर्व मौत होने के बाद अपने बच्चों गुनगुन (7) और नानू (5) के साथ अपनी मां के पास रही थी। अपने और अपने बच्चों का पेट पालने के लिए सुनीता टीपी नगर में चाय का खोखा चलाती है।
वहीं उसकी छोटी बहन सुमन भी अपने पति गुलाब सिंह के साथ पास में ही कमरा किराया पर लेकर रहती है। सुनीता के दोनों बच्चे अधिकतर समय अपनी मौसी के पास ही रहते थे, दोनों में से नानू तो अपनी मौसी से इतना हिल गया था कि वह रात में उसी के पास सोता था। गुलाब को कोई संतान नहीं थी। वह शराब पीता और कुछ कामकाज नहीं करता था। जिस कारण उसकी पत्नी ने अपनी पोपर्टी नानू के नाम करने की बात कही थी। जिस कारण आरोपी ने बीते शनिवार की रात्रि को नानू की हत्या कर शव नाले में फेंक दिया था। इस मामले में सुनीता के परिजनों ने गुलाब सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। बुधवार सुबह आरोपी की बहन ने पुलिस को बताया कि गुलाब सिंह नूरनगर में एक खोखे पर चाय पी रहा है। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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