राष्ट्रीय जनहित संघर्ष पार्टी ने नोटबंदी के विरोध में पैदल संघर्ष मार्च निकाला। जिसकी शुरूआत गुरूवार को कमिश्नरी पार्क से की गई। पैदल संघर्ष मार्च मोदीनगर, मुरादनगर और गाजियाबाद होते हुए दिल्ली के जंतर मंतर पर सम्पन्न होगा।
इस मौके पर राजसपा के राष्ट्रीय भानु प्रताप सिंह ने कहा कि 8 नवम्बर 2016 को प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को अमान्य कर देश में नोटबंदी का ऐलान किया और इसके 4 कारण भ्रष्टाचार, कालाधन, आतंकवाद और जाली नोट बताये। इसके लिए उन्होनें देश की जनता से 50 दिन मांगें थे और कहा कि अगर 50 दिन में सब ठीक ना हुआ तो देश की जनता उन्हें जो भी सजा देगी वो उसे स्वीकार करेंगे। लेकिन 50 दिन खत्म हो चुके हैं और समस्यायें ज्यों कि त्यों बरकरार हैं। भ्रष्टाचार की जहां तक बात है वह कम नहीं हुआ बल्कि बढ़ गया है।
उन्होनें बताया कि राजसपा राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित करेगी जिसमें मांग की गई हैं कि भारत सरकार के नोटबंदी के फैसले को तत्काल निरस्त किया जाये, बैंकों की लाईनों में परेशानी भुगतते हुए मारे गये और आत्महत्या करने वाले लोगों को तत्काल 50 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाये। इस मौके पर तेजेन्द्र सिंह गहलौत, हुकम सिंह, महेन्द्र सिंह, डा. अतुल जैन, अरविंद बिधूडी, वेदप्रकाश चौधरी, अशोक भार्गव, नवीन राजपूत, कामेश्वर प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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