दक्षिण इस्लामाबाद से हैंडलूम व्यापारी के अपहृत पुत्र जिशान को लेकर सोमवार रात नौ बजे तक परिजनों और आसपास के लोगों की सांसें थमी हुई थी। रात में जैसे ही हाथरस में जिशान की हत्या कर शव मिलने की जानकारी हुई तो परिजनों में कोहराम मच गया। व्यापारी के घर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी तो पुलिस की पिकेट तैनात कर दी गई। लेकिन भीड़ ने पुलिस को दौड़ाते हुए आरोपी सब्बीर पक्ष के चार मकानों में तोड़फोड़ करते हुए आग लगा दी। लपटें इतनी भयावह थी कि मकान में मौजूद चार महिलाओं और बच्चों में चीख पुकार मच गई।
बाइकों के पेट्रोल से आग लगाई:
रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस की मौजूदगी में सैकड़ों की भीड़ ने आरोपियों के घर पर हमला बोलने की कोशिश की तो घर की महिलाओं ने गेट बंद कर लिए। जिसके बाद उग्र हुई भीड़ ने आरोपी लोगों के घरों पर पथराव करते हुए तोड़फोड़ शुरू कर दी। जैसे ही बवाल होना शुरू हुआ तो मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी जान बचाकर भागे और कंट्रोल रूम पर फोर्स बुलाने की मांग की। पल भर में ही कुछ लोगों ने आरोपी सब्बीर पक्ष के घर के बाहर खड़ी दो बाइकों में पेट्रोल का पाइप निकालकर आग लगा दी। जिसके बाद भीड़ ने पेट्रोल और केरोसिन के के न फेंककर आरोपी पक्ष के चार मकानों में आग लगा दी।
महिलाओं में मची चीख पुकार
मकान में आग की लपटें उठीं तो अंदर महिलाओं में चीख पुकार मच गई। घर के बाहर गली में सैकड़ों की आक्रोशित भीड़ ने नारेबाजी की तो पुलिस के पसीने छूट गये। सीओ कोतवाली रणविजय सिंह, एसओ लिसाड़ीगेट रवेंद्र यादव, एसआई योगेंद्र सिंह और सिपाही राजकुमार किसी तरह एक मकान का गेट तोड़कर अंदर घुस गये। पुलिस ने एक कमरे में जान बचाने को भीख मांगतीं चार महिलाओं और दो बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश तो भीड़ भी पुलिस के साथ आरोपियों के मकान में घुस गई। पुलिस के साथ हाथापाई करते हुए भीड़ ने महिलाओं पर हमला बोल दिया। भीड़ इतनी आक्रोशित थी कि एक दरोगा और सिपाही को भीड़ ने पीट दिया। बाद में पुलिस ने महिलाओं और बच्चों को किसी तरह निकालकर वज्र वाहन से दूसरी जगह भेजा। इस दौरान दरोगा, सिपाही समेत दो महिलाएं भी झुलस गईं।

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