भावनपुर के अब्दुल्लापुर गांव में बीती नौ जून को डीजे बजाने को लेकर सम्प्रदाय विशेष के आरोपियों द्वारा किए गए हमले के शिकार पीड़ितों ने सोमवार को एसएसपी कार्यालय का घेराव करते हुए थाना पुलिस पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपियों के सत्ता में दखल के चलते पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है और गांव में खुले घूम रहे आरोपी उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं।
ग्रामीणों के साथ आए मोनू ने बताया कि नौ जून को उसके ससुराल वाले उसके घर पर छूृछक लेकर आए थे। इस दौरान चल रहे पारिवारिक समारोह में डीजे बजाने को लेकर गांव के निवासी परवेज पुत्र आजाद, पीरू पुत्र ऐजाज, साजिद पुत्र शहजाद, बिलाल पुत्र छोटा, रिजवान पुत्र मुस्तकीम, सुहेल पुत्र चिरागुद्दीन, समीर पुत्र चिरागुद्दीन, शारूख पुत्र फैज, मोसिम पुत्र फैज, सलमान पुत्र फारूख, परवेज पुत्र उम्मेद, सद्दू पुत्र उम्मेद, साजिद पुत्र साबू, इमरान, बबलू व अन्य कई आरोपियों ने उसके घर पर हमला बोल दिया था। आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने उसके घर पर पथराव व फायरिंग की, जिसमें उसके पिता महेन्द्र, भतीजा लक्की, मामा अशोक, ससुर बाबूलाल और जीजा जोगेन्द्र घायल हो गए। इस माममे में आरोपियों खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक मात्र एक आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेजा है, अन्य आरोपी गांव में खुले घूम रहे हैं। आरोप है कि आरोपियों के राजनैतिक रसूख के चलते थाना पुलिस उनकी मददगार बन गई है। गांव में खुले घूम रहे आरोपी पीड़ितो को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने या समझौत कर लेने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने आरोपियों से जान का खतरा बताते हुए उनकी गिरफ्तारी और सुरक्षा की गुहार लगाई हैै।

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