विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर प्रशासन की ओर से शस्त्र जमा कराने के फरमान को लेकर आज अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम चन्द्रकला से मिला।
अधिवक्ताओं ने माननीय सुप्रीम कोर्ट व चुनाव आयोग के निर्देश का हवाला देते हुए कहा कि दोनों के अनुसार किसी भी नागरिक की सुरक्षा को खतरे में डालकर किसी को शस्त्र जमा कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। विशेषकर जिन नागरिकों का सीधे तौर पर किसी भी राजनैतिक गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है, तथा उनकी व उनके परिवार की जान को असामाजिक तत्वों से जान का खतरा हे। इसलिए चुनाव के समय शस्त्र जमा कराने का असंवैधानिक आदेश को तार्किकता की कसौटी पर विश्लेषण कर पुर्नविचार किया जाना न्यायोचित होगा। डीएम से मिलने वालों में भाजपा विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नरेश दत्त शर्मा एडवोकेट, सूरज सिंह, सार्थक भारद्वाज, मनोज गोयल, सुनील शर्मा, आरपी खैर, फिरोज खान, शाहफैसल, जगदीश लोधी, सुरेन्द्र सिखैरा, सुरेन्द्र कुमार व अरशद आदि अधिवक्तागण शामिल रहे।

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