कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरु कर दी हैं। जिसके चलते रविवार को एडीएम प्रशासन ने सिंचाईं व पीडब्लूडी विभाग के अफसरों को साथ लेकर सरूरपुर लाहौरगढ़ पटरी का निरीक्षण किया और बदहाल हालत सुधारने के लिये दोनों विभागों के अफसरों को हिदायत दी। मार्ग पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढ़ों को भरने व टूट चुकी सड़क को बना ने के लिये आवश्यक दिशा निर्देश दिय हैं। बदहाल हो चुकी पटरी को देखकर एडीएम प्रशासन ने दोनों विभागों के अफसरों की मौके पर खिंचाईं करते हुए समय से पूर्व व्यवस्था ना सुधारने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
कांवड यात्रा को लेकर जिले के पुलिस-प्रशासन ने तैयारियां शुरु कर दी हैं और यात्रा सकुशल संपन्न कराने के लिये सबसे पहले मार्गों की हालत जानकर उनकी दशा सुधारने का काम किया जान है।
जिसके चलते रविवार को एडीएम प्रशासन दिनेश चंद एसडीएम सरधना कुमार भूपेन्द्र सिंह ने सिंचाईं विभाग व पीडब्लूडी विभाग के अफसरों के साथ में मुजफ्फरनगर के नावला से पुरा महादेव जाने वाली सरूरपुर-लाहौरगढ़ पटरी का निरीक्षण किया। अमले के साथ दोपहर में बारस के दौरान ही पहुंचे अफसरों ने रजवाहा पटरी को धनवाली से लेकर लाहौरगढ़ तक देखा। इस दौरान जगह-जगह से टूटी पडी पटरी व उखड़े पडे खडंजे व कटान के चलते अफसरों की गाड़ी तक निकलने में भारी दिक्कतें पेश आईं। हालांकि इस दौरान अफसरों ने पैदल चलकर भी पटरी का बारीकी से निरीक्षण किया और पटरी में सरूरपुर व करनाल हाईवे के बीच कई जगहों पर हुए कटान के कारण पटरी आधी रह चुकी है जिसे अफसरों को दिखाकर सुधारने का जिम्मा दिया गया। एडीएम ने सिंचाई विभाग के अफसरों को पटरी को टीक करने के लिये कहा इस पर अफसरों ने टूटे खडंजे को लगवाने व कटान की जगह मिट्टी के कट्टे दबाने की बात बताई और साफ-सफाई कराने का काम करने का कहा।
जबकि संजय गांधी कॉलेज से लाहौरगढ़ तक पटरी पर हुए भारी जलभराव व बने गहरे गड्ढ़ों को खुद एडीएम ने गहाराई नापकर देखा और इन्हें पेचवर्क करने को भी कहा। कांवड पटरी पर धनवाली से लेकर लाहौरगढ़ तक मेरठ जिले की सीमा का पूर निरीक्षण एडीइएम ने पीडब्लूडी के एक्स ई एन संजय जयंत व ऐई गोपाल व सिंचाई विभाग के ऐई टीडी अंबुज शर्मा को साथ में लेकर किया। जगह-जगह से क्षतिग्रस्त पटरी को ठीक करके साफ-सफाई कराने के लिये एडीएम ने निर्देशित करते हुए अफसरों से नाराजगी जताई और हडकाते हुए व्यवस्था दुरस्त करने की हिदायते देते हुए ये भी नसीहत दी कि ये पटरी कांवड यात्रा के दिनों में ही क्यों याद आती है विभागों के पहले क्यों नही उन्होंने इसे पूरी पक्की बनवाने का भी सुझाव दिया जिसपर अफसरों ने बताया कि लगभग चालीस लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है जिसे शासन को भेजा जाएगा। पटरी निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने भी पटरी की बुरी हालत के लिये विभागों को जिम्मेदार ठहराया। बतादें कि गंग नहरपटरी के बाद इस पर सबसे ज्यादा लोकल कांवडिये गुजरते हैं।
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