जिले के सभी सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के लिए एक अच्छी खबर है। अगर स्कूलों के शिक्षक छात्रों का सिलेबस पूरा कराने में लापरवाही बरतते हैं तो उन्हे जिला विद्यालय निरीक्षक को जवाब देना होगा। इतना ही नहीं यदि विद्यालय का रिजल्ट खराब हुआ तो समूचे प्रदेश में विद्यालय को शर्मशार होना पड़ेगा।
बतादें कि सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में सुधार करने के लिए इनमें ग्रेडिंग की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके संबंध में उप्र शिक्षा निदेशक ने सभी जनपदों के शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं। जिनमें स्पष्ट किया गया है कि सभी राजकीय माध्यमिक स्कलों के प्रधानाचार्य जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा दिए गए प्रारूप में पहले अपने स्तर पर स्वयं मूल्यांकन करें। ताकि डीआईओएस उसके आधार पर जांच कर ग्रेडिंग दे सके। इतना ही नहीं संयुक्त शिक्षा निदेशक के माध्यम से इस जांच को निदेशालय तक भेजा जाएगा। जांच के साथ डीआईओएस को सभी विद्यालयों को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी देने होंगे।
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