परतापुर थाना क्षेत्र के कांशी गांव में बुधवार रात बिना अनुमति शोभायात्रा निकालने को लेकर सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। कई थानाें की पुलिस गांव में पहुंची और भीड़ को खदेड़ा। काफी हंगामे के बीच लोगों को समझाकर मामला शांत किया गया।
कांशी गांव में दलित समाज के लोग एक मंदिर मेें प्रतिमा की स्थापना करना चाहते हैं। प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा और शोभायात्रा निकालने की अनुमति के लिए समाज के लोग बुधवार को कई अधिकारियों के पास गए। लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिल सकी। रात करीब नौ बजे उन्होंने बैंड बाजों के साथ गांव में बिना अनुमति के ही शोभायात्रा निकालनी शुरू कर दी। दूसरे समुदाय के लोगों ने इस पर एतराज जताया तो गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
सूचना पर परतापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शोभायात्रा को रुकवा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह शोभायात्रा निकालने की जिद पर अडे़ रहे। उनका कहना था कि धार्मिक कार्यक्रमों के लिए उन्हें अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने पक्षपात के आरोप लगाते हुए पुलिस का घेराव कर लिया। स्थिति बिगड़ती देख ब्रह्मपुरी, लिसाड़ी गेट आदि कई थानों की पुलिस फोर्स भी गांव में पहुंच गई।
कुछ युवकों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से खदेड़ा। पुलिस ने दलित समाज के बुजुर्गों को माहौल खराब होने का हवाला दिया। काफी प्रयास के बाद मामला शांत कराया गया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसओ परतापुर रण सिंह ने बताया कि किसी तरह के तनाव स्थिति नहीं है।

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