धार्मिक स्थल की आड़ पर धडल्ले से शहर व देहात में अतिक्रमण किया जा रहा है। जिसे रोकने के लिए उच्च न्यायालय ने आदेश कर दिया है कि अब अवैध अतिक्रमण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उक्त बातें सूरजकुंड स्थित भाजपा कार्यालय पर झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सहसंयोजक सुनील भराला ने बैठक में कही कही।
उन्होंने बताया कि यूपी में जबरदस्त तरीके से धार्मिक स्थल के नाम पर अवैध अतिक्रमण किया जा रहा है। बताया कि मेरठ के रिठानी, पदमपुरा, बेगमपुल, केंट, भगत चौक महताब, छतरी वाला पीर, शाहपीर गेट, बनियापाडा पुलिस चौकी, नौगजा पीर, जाटव गेट, हरी का पुल, कमेला रोड, सालेह नगर, ग्राम उखलीना, रोहटा थाने के पास खडौली गांव आदि पर पीर व धार्मिक स्थल के नाम पर अवैध कब्जे कर लिए है। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश में बढ़ रहे अपराध व प्रदेश सरकार पर भी तंज कसे। कहा कि उत्तर-प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चैपट हो चुकी है। खिर्वा गांव में अशोक जैन की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई।
तीन दिन पहले शहर में छह लूट से पूरा शहर थर्रा उठा। शनिवार देर शाम को दो महिलाओं समेत तीन की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई, लेकिन अभी तक पुलिस किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर सकी है, जिस कारण बदमाशों हौंसले बढ़ते जा रहे है। उन्होंने कैराना मुद्दे पर कहा कि प्रदेश में जम्मू कश्मीर की तरह स्थिति हो गई। जिस कारण कैराना से हिंदू समाज के लोग पलायन के लिए मजबूर है। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम भेजे ज्ञापन में प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री राजकुमार कौशिक, रीतू गोयल, शाह फैसल, जय गणेश वर्मा, जगदीश शर्मा, शनि शर्मा, सिराजूद्दीन, शमशाद राणा आदि उपस्थित रहे।

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