रहमतो और बरकतों का महीना रमजान मुबारक मुसलमानों के लिए प्रशिक्षण का महीना
है | एक महीने का रमजान ११ महीने जिंदगी
जीने की ट्रेनिंग देता है | सब्र का रमजान से गहरा ताल्लुक है | रमजान को गमख्वारी
का महीना इसलिए करार दिया गया है , क्योंकि इस मुबारक महीने में हम दूसरो (गरीबो, जरुरतमंदो, यतीमो और असहांयो) का
ख्याल भी रखे | जकात, सदका और खैरात से उनकी मदद करे | रोजे के जरिये इंसान का तकवा (बुरे
कामो से बचना और नेक काम करना) मजबूत होता है | रोजा, आचार, व्यहवार, मानवता, हमदर्दी
व् गमख्वारी का सबक देता है | रोजे से दिल को सकून मिलता है | जब इंसान भूख कि वजह से दुस्वारिया
बर्दास्त करता है तो उसके दिल में गरीबो और भूखो के लिए हमदर्दी व् भलाई का जज्बा
पैदा हो जाता है | अल्लाह ने रमजान का रोजा फर्ज किया ताकि उसके बन्दे नेक बन सके |
रोजे से अमीरों और मालदारो के दिल में गरीबो की हमदर्दी और भलाई का जज्बा पैदा
होता है | रमजान मुबारक एबाद्तो का जशन और नेकियो की बहार का मौसम है | इस महीने
में मुसलमानों का दीनी जज्बा और इस्लाम कि सारी खूबिया उभर कर सामने आ जाती है | इस महीने लड़ाई , झगडा,
चुगली, गीबत, गाली-गलौच, झूठ बोलने सहित सभी बुरे कामो से बचना चाहिए | रमजान ही
नहीं रमजान के बाद भी पूरे वर्ष मुसलमानों को नेक कार्य करते हुए बुरे कामो से
बचना चाहिये |
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Tuesday, 14 June 2016
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