पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी गुरू पूर्णिमा के अवसर पर श्री गोरख परिवार के तत्वाधान में चौ. चरण सिंह पार्क में भी गुरू पूर्णिमा पर्व पर सुबह गुरू गोरखनाथ जी को समर्पित हवन-यज्ञ के पश्चात खीर का प्रसाद वितरण किया गया और गुरू गोरखनाथ जी की महिमा का वर्णन करते हुए कार्यक्रम के संयोजक महेन्द्र नाथ उपाध्याय ने कहा कि इस देश की पहचान आध्यात्मिक जगत के सिरमौर परमपूज्य महायोगी भगवान गुरू गोरखनाथ जी महाराज ने नौ नाथ, बारह पंथ, योगन जोगन के माध्यम से दुनिया को हठ योग विद्या का ज्ञान दिया। बड़े-बड़े चक्रवृति सम्राटों को नाथ योग पंथ का अदभुत ज्ञान देकर अजर अमर बना दिया। चाहें राजा भृतहरि हों, पूरनमल भगत हों, राजा गोपीचंद आदि सहित जनमानस को येागमय जीवन की परिभाषाएं दीं। भोगवादी व्यवस्था को योगवादी व्यवस्था में परिवर्तित किया और सम्पूर्ण भारत में चमत्कारों से परिपूर्ण सिद्ध नाथ मठों की स्थापना की जो आज भी जनमानस में गहरी आस्था के प्रतीक हैं। गुरू गोरखनाथ जी ने ही शरीर की लाखों नाडिय़ों की जानकारी जनमानस को दी और शरीर में ही सूर्य नाड़ी चंद्र नाड़ी आदि का ज्ञान दिया।
श्रद्धा से की गई थोड़ी सी भक्ति भी गुरू गोरखनाथ जी के भक्तों को योगमय जीवन से मालामाल कर देती है। गुरू गोरखनाथ जी साक्षात शिव रूप गोरखनाथ कहलाते है जो घट घट के वासी और अविनाशी रूप में पूजे जाते है। इनकी भक्ति योगमय जीवन से परिभाषित होती है जो संयम पर आधारित है। भारत को विश्व गुरू मनवाने में नाथ सम्प्रदाय का ही योगदान रहा है। इस अवसर पर मालिनी द्ववेदी, संजीव अग्रवाल (न्यू डायमंड), बबलू उपाध्याय, संजय शर्मा (शिक्षाविद्), कृश्ण कुमार किशनी एडवोकेट (अध्यक्ष), विनय प्रधान एडवोकेट जिलाध्यक्ष, नरेन्द्र अग्रवाल कैलाश डेयरी, देवेश्वर गोस्वामी, विश्णु यादव, मिथलेश रस्तौगी, डा0 मुकेश परमार, मनोज कुराली, दीवान गिरि, अवधेश उपाध्याय, रविदत्त शर्मा एडवोकेट, नरेन्द्र गौड़, गजेन्द्र सिंह, शलभ अग्रवाल दरोगा , राजीव श्र्मा एडवोकेट, निर्मला गुप्ता एडवोकेट, अरूण गौड़, हीरा लाल सोनकर, नरेश कोरी, संजय कटारिया, संजय काजला, सागर, रमन त्यागी, चै0 देवेन्द्र प्रधान एडवोकेट, मोनू उपाध्याय एडवोकेट, पं. विश्वनाथ शर्मा दधिचि, भोला सोनकर, विनोद बैचन, जगशरण उपाध्याय आदि शामिल रहे।
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