शासन ने इस बार कांवड़ियों को डीजे बजाने और त्रिशूल लेकर चलने की अनुमति दे दी है। यह जानकारी सोमवार को मेरठ में आए प्रमुख सचिव देवाशीष पांडा और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जावीद अहमद ने प्रेसवार्ता में दी। हालांकि कांवड़िये त्रिशूल लेकर डांस नहीं करेंगे। इसको लेकर पुलिस के पुख्ता इंतजाम रहेंगे वहीं, एसपी ट्रैफिक मेरठ किरण यादव ने बताया कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर आगामी 21 जुलाई की रात से
नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों का आवागमन बंद करने की योजना है।
यूपी के प्रमुख सचिव और डीजीपी ने पुलिस लाइन में मेरठ जोन और हरिद्वार के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। जिसमें कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को लेकर ब्लू प्रिंट बनाया गया। कांवड़ यात्रा के दौरान हर बार की तरह इस बार भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच कांवड़ मार्ग के अलावा संवेदनशील व अतिसंवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात हुई।
इसके अलावा अतिसंवेदनशील इलाकों में पीएसी और पुलिस पिकेट लगाने, ट्रैफिक व्यवस्था, रूट डायवर्जन स्कीम, धार्मिक स्थलों पर कड़ी सुरक्षा, प्रत्येेक गांव में कांवड़ लाने वाले लोगों की सूची बनाने, असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने, सोशल मीडिया, हेल्थ कैंप की व्यवस्था समेत अन्य सुविधाओं पर चर्चा हुई। मीटिंग के बाद प्रमुख सचिव और डीजीपी मीडिया से रूबरू हुए। जिसमें प्रमुख सचिव ने बताया कि इस बार कांवड़ियों को डीजे और त्रिशूल लेकर चलने से कोई नहीं रोकेगा। बशर्ते डीजे पर त्रिशूल लेकर डांस न कर रहे हों।
22 जोन और 62 सेक्टर में बंटा जोन
प्रमुख सचिव देवाशीष पांडा ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ जोन को 22 जोन और 62 सेक्टरों में बांटा गया है। इसमें 14 जोन शहरी तो आठ जोन देहात क्षेत्र में जबकि 31-31 सेक्टर शहरी और देहात दोनों जोन में रहेंगे। जोन में जोनल मजिस्ट्रेट और सीओ या इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी लगातार भ्रमण पर रहेंगे। वहीं, शहरी क्षेत्र में 31 सेक्टर और देहात क्षेत्र में 31 सेक्टर होंगे, जहां प्रत्येक सेक्टर में दो दरोगा व चार सिपाही तैनात रहेंगे।


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