कैराना के नाम पर भाजपा सांसद, विधायक और नेता प्रदेश की फिजा खराब करना चाहते हैं। विधानसभा चुनाव 2017 को देखते हुए भाजपा नेता प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में झुलसाकर हिंदू-मुस्लिम वोटों का धु्रवीकरण करना चाहते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ऐसा नहीं होने देगी। प्रदेश की फिजा खराब की सोच रखने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह बातें सपा नेता मुकुल जैन ने कैराना से लौटकरमेट्रो प्लाजा स्थित अपने कार्यालय में कही। वह प्रदेश सरकार द्वारा कैराना भेजे गए राष्ट्रीय संत प्रतिनिधिमंडल के साथ कैराना गए थे।उन्होंने कहा कि कैराना मुद्दे का गरमाकर भाजपा सरकार चाहती है। हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिकता की आग में झुलस जाएं और उन्हें आने वाले 2017 के विधान सभा चुनाव में इसका फायदा मिल जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से भेजेगए राष्ट्रीय संत प्रतिनिधि मंडलमें शामिल आचार्य प्रमोद कृष्ण, आचार्य चक्रपाणी देव, आचार्य स्वामी कल्याण देव, आचार्य सिनमानंद जी महाराज, देवेंद्र नंद इंद महाराज को कैराना के हालात जानने को भेजा गया था। इस दौरान संतों के प्रतिनिधिमंडल नेनिष्पक्ष जांच में पाया कि कैराना से किसी भी हिंदू परिवार ने सांप्रदायिकता की वजह से पलायन नहीं किया है।उन्होंने उन पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की जिन्हें भाजपा द्वारा पलायन कराना बताया गया था। संतों के प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि कैराना कस्बे में हालात बहुत अच्छे हैं। सभी हिंदू-मुस्लिम परिवार प्यार और अमन से रह रहे हैं। इस दौरान सपा नेता मुकुल जैन भी शामिल रहे। उन्होंने मेरठ लौटने पर बताया कि कैराना में हिंदू-मुस्लिम विरोध की कोई स्थिति नहीं है। कुछ हिंदू परिवारों से पलायन किया है, लेकिन वह रोजगार की वजह से। उन्होंने बताया कि कैराना में कानून-व्यवस्था थोड़ी ढीली है, जिसके कारण व्यापारियों को परेशानी होती है।कानून-व्यवस्था को जल्द ही प्रदेश की सपा सरकार की ओर से दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब से भाजपा ने हिंदू परिवारों के पलायन का मुद्दा उठाया है। कैराना के व्यापारियोंका व्यापार आधा रह गया है। भाजपा के नेता विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए किसी भी हद तक गिरने पर आमादा दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा सरकार प्रदेश की फिजा किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने देगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इस दौरान संतों के प्रतिनिधि मंडल के साथ पिंटू राणा भी रहे।
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Wednesday, 22 June 2016
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