जून गर्मी का डैंजर जोन साबित हो रहा है। गर्मी से बचाव के हर तरीके फेल साबित हो रहे हैं। लू के थपेड़े शरीर पर अंगारे की तरह लग रहे हैं। डिहाइड्रेशन के केस बढ़ गए हैं। इन हालात में लोग दिन में घरों में कैद होने को मजबूर हैं। मौसम विभाग की मानें तो अभी दो दिन गर्मी का टॉर्चर और सहना पड़ेगा। उसके बाद बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे राहत मिल सकती है।
एक सप्ताह में अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। पिछले दिनों बारिश के चलते अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, लेकिन मौसम साफ होते ही पारे तेजी से ऊपर जा रहा है। इसी तरह न्यूनतम तापमान में भी करीब छह डिग्री सेल्सियस की उछाल आई है।
जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, बिजली का मीटर डाउन हो रहा है। बिजली की डिमांड के साथ कटौती भी बढ़ गई है। अप्रैल में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। इसके बाद मई में कुछ राहत रही। जून शुरू होते ही पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। कम होने की उम्मीद भी नहीं है। मानसून के लिहाज से तापमान का बढ़ना सही है, लेकिन स्वास्थ्य पर यह भारी पड़ रहा है। गर्मी का सामना करने में लोगों के पसीने छूट रहे हैं। रात का तापमान भी बढ़ा है।
शनिवार को अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री और न्यूनतम 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम नमी 66 और न्यूनतम 38 प्रतिशत रही। कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है लो प्रेशर डेवलप होने की संभावना है, जिससे बारिश हो सकती है। गर्मी अभी दो दिन और परेशान करेगी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. कंचन सिंह का कहना है अच्छी बात यह है कि मानसून ने केरल के तट पर दस्तक दे दी है। तापमान में बढ़ोतरी की वजह से एक-दो दिन में पहाड़ी इलाकों में बारिश हो सकती है। इसका असर मैदानी क्षेत्र पर भी पड़ेगा। सोमवार या मंगलवार को मौसम करवट ले सकता है।
पारे की चाल
तारीख तापमान (अधिकतम)
29 मई 30.8
30 मई 31.1
31 जून 36.2
01 जून 38.6
02 जून 39.7
03 जून 40.0

0 comments:
Post a Comment