शहर में बगैर अनुमति के करीब दस हजार होर्डिंग्स, यूनिपॉल और बैनर आदि लगे हैं। हवा का बहाव तेज होते ही ये होर्डिंग्स शहरवासियों के लिए जी का जंजाल साबित हो जाते हैं। तमाम शहर में मात्र 120 होर्डिंग्स की अनुमति निगम ने ठेकेदारों को दे रखी है। इससे होर्डिंग्स माफिया अवैध होर्डिंग्स लगाकर मोटी कमाई कर रहे हैं और निगम को राजस्व के रूप में हानि हो रही है। हाईकोर्ट और नगर विकास मंत्री आजम खान के आदेश के बावजूद भी निगम होर्डिंग्स माफिया के खिलाफ ठोस कदम उठाने से कतराता रहता है। क्योंकि इसमें निगम के कुछ अधिकारियों को न्यौछावर के रूप में मोटी कमाई होती है।
जून माह में आई आंधी और बारिस के चलते चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सामने एक होंडा सिटी कार पर करीब तीन कुंतल का भारी भरकम होर्डिंग गिर पड़ा था। इससे तीन लोग घायल हुए थे और कार पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके साथ ही नेहरू नगर निवासी नीरज सिंह की पत्नी के ऊपर उस समय गिर पड़ा था, जब वह स्कूटी से घर जा रही थी, इसमें महिला गंभीर रूप से चोटिल हो गई थी। दोनों घटनाओं को लेकर याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने नगर-निगम को हाईकोर्ट में खींच लिया था और अवैध होर्डिंग्स की बाबत स्पष्टीकरण मांगा गया था। गत माह में विवि में आये नगर विकास मंत्री आजम खान ने शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स और अतिक्रमण को लेकर नगरायुक्त को लताड़ लगाई थी। लेकिन इसके बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हालाकि लोगों की शिकायत पर नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा ने सम्पत्ति अधिकारी राजेश सिंह को शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स की सूची बनाकर उन्हें जल्द से जल्द हटाने के आदेश दिए। इसके बाद संपत्ति अधिकारी ने अवैध होर्डिंग्स, यूनिपॉल और बैनर आदि की एक सूची तैयार कर नगरायुक्त को सौंपी है।
जल्द चलेगा अभियान
शहर में लगे हजारों अवैध होर्डिंग्स की बाबत सम्पत्ति अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि नगरायुक्त ने अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। इस बाबत शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स, बैनर और यूनिपॉल की एक सूची बनाई गई है। जल्द ही अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
सम्पत्ति अधिकारियों ने यह भी बताया कि 2016 में तीन बार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया है। सैकड़ों अवैध होर्डिंग्स जब्त किए गए हैं। अगले सप्ताह फिर अभियान चलाया जाएगा।
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