स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाधिकारी पंकज यादव की एवज में एसीएम फस्ट राकेश कुमार को चीन द्वारा एनएसजी का विरोध किये जाने के खिलाफ प्रधानमंत्री के नाम चार मांग सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। दिए गए ज्ञापन में कहा कि वर्ष 1962 में चीन ने भारत पर हमला कर 38 हजार वर्ग किलोमीटर भूमि पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा कि चीन की भारत विरोधी नीतियों को देखते हुए चीन में होने वाले आयात शुल्क को बढ़ाया जाए।
सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच के महानगर संयोजक अनिल राज ने चीन के पिछल्ले दिनों एनएसजी की सदस्यता का विरोध किये जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि वर्ष 1962 की लड़ाई में चीन ने भारत की 38 हजार वर्ग किलोमीटर भूमि कब्जा ली थी। वर्ष 1963 में पाकिस्तान ने कश्मीर की 5153 वर्ग किलोमीटर भूमि चीन को दे दी थी। कहा कि चीन ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी जैश-ए-मौहम्मद के संस्थापक मसूद अजहर को अंर्तराष्टकृीय आंतकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्टकृसंघ में प्रस्तुत भारत के प्रस्ताव का विरोध किया। चीन ने भारत की चारों ओर से घेराबंदी कर पाकिस्तान, नेपाल, म्यांमार एवं श्रीलंका में सैनिक गतिविधियां तेज कर दी है।
अनिल राजकुमार ने मांग पत्र में कहा कि चीन की भारत विरोधी नीतियों को देखते हुए भारत में आने वाले चीनी उत्पादों पर आयात शुल्क में वृद्धि करें, जिससे कि चीनी उत्पाद भारत के बाजार में सस्ते न बिक सकें।
भारत सरकार चीन को संवेदनशील क्षेत्रों में दिए जा रहे ठेकों पर रोक लगाए, जिससे कि भारत से गोपनीय जानकारी बाहर न जा पाए। भारत में भारी मात्रा में चीन उत्पादित सामान अवैध तरीके से तस्करी के माध्यम से आ रहा है। सरकार उस अवैध आयात पर रोक लगाकर तुरंत कार्रवाई करे। सरकार देश में उन उद्योग-धंधों को सरकारी सहायता (सब्सिडी) देकर संरक्षण प्रदान करें, जो चीन से प्रतियोगिता के कारण समाप्त हो रहे हैं। ज्ञापन देने वालों में समाजसेवी संदीप पहल, सरंक्षक देवेंद्र तोमर, विनोद चैधरी, अंशुल गुप्ता, अनिल राजकुमार, रविंद्र, प्रशांत, ब्रजेश, अर्जित, राजन ठाकुर व सौरभ गर्ग आदि शामिल रहे।
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